Saturday, July 27, 2019

बहुत हुआ


कब से तेरी तलब थी

कब से तेरी तलब थी
आकर अब मिली हो
सुबह से एक घुंट को
तरस गए थे हम
सोच रहे थे हम
कब आओगी
और आकर..मेरे होंठो को छु जाओगी
कब से तेरी तलब थी
आकर अब मिली हो☕️☕️☕️☕️

Written By Radha

जिद्दी मन मेरा


तुमसे मतलब


मुझको पसंद है

मुझको पसंद है
जब तु नन्हें कदमों से
मेरे पास आता है
और कहता है
मम्मा, ये क्या है


मुझको पसंद है
जब तु अपनी तोतली जुबान से
कहता है, मोबाइल को माइल


मुझको पसंद है
जब तु मेरे किये कामों को
नकल कर , प्यारी सी मुस्कान देता है


मुझको पसंद है
जब तु आते जाते लोगों को
अपने प्यारे से बोली से कहता है
बाई बाई


मुझको पसंद है
जब तु लोगों के बीच में
मुझे ढुंढते हुए पुछता है
मम्मा कहां है


मुझको पसंद है
तेरी हर मुस्कान
जिसपर दुनिया की
हर दौलत कुर्बान


मुझको पसंद है
तु तेरी प्यारी और नटखटी बातें
मुझको बहुत पसंद है।।



Written by Radha Rani

करने से होगा


सब समय पर होता है

जिंदगी के भागमभाग में
हर काम समय पर होता है
तु सब्र ना खो
आराम से, 
सब समय पर होता है।
माना अभी कठिन दौर है हमारा
हर काम बिखरा पड़ा है
लोग जो आज हंसते हैं हम पर
वही दूसरे लोग
साथ देते नज़र आएंगे हमारा।
माना‌ परिस्थिती विपरीत है 
अपने बेगाने हो गयें है
एक वक्त आएगा ऐसा
बेगाने भी अपने साथ 
खड़े नज़र आएंगे
तु सब्र ना खो
आराम से, 
सब समय पर होता है।
Written by Radha Rani

अब भी दिल रो देता है

अब भी दिल रो देता है जब भी उन गलियों से गुजरती हूं तेरे होने का एहसास होता है अचानक से कदम खुद रुक जाते हैं और मैं वहीं एक टक तुम्हें वही ढु...