Tuesday, April 23, 2019
Wednesday, January 2, 2019
नए साल की बात है
नए साल की बात है
नए मंसुबे गढ़ने हैं
कुछ नए दोस्त बनाने हैं
तो पुराने दोस्तों से मिलने हैं।
नए साल की बात है
सच्चाई की राह पर चलना है
कुछ सच्चों को अपनाना है
तो झुठों को दूर भगाना है।
नए साल की बात है
बिखरे रिश्तों को सम्भालना है
तो कुछ रिश्तों से दूरी बनाना है।
नए साल की बात है
एक नई ऊंचाइयों को छूना है
और अपने सपनों को सजाना है।।
Written by Radha Rani
Friday, December 28, 2018
साल गुजरने वाला है
दो दिन बचे हैं बस
साल गुजरने वाला है
जो भी गीले शिकवे हैं
आपस में बांट लें हम
क्योंकि साल गुजरने वाला है
आने वाले साल में
एक प्रण लें लें हम
जो बुरा किया बीते साल में
वो ना दुहराए नए साल में
जो भी अच्छा हुआ इस साल
यही कोशिश रहेगी नए साल।।
Written by Radha Rani
Saturday, December 1, 2018
Tuesday, November 20, 2018
मेहनत नहीं होता मुझसे...
सुबह सवेरे रोज उठ
झाड़ू कटका करती हूं
फिर भी लोग कहते फिरते हैं
मेहनत नहीं होता मुझसे।
सर्वप्रथम स्नान कर
पुजा पाठ करती हूं
फिर रसोई में जाकर
खाना रोज बनातीं हूं
फिर भी लोग कहते हैं
मेहनत नहीं होता मुझसे।
घर के सारे काम कर
आफिस रोज जाती हूं
वहां जाकर रोज रोज
अपना काम करती हूं
फिर भी लोग कहते हैं
मेहनत नहीं होता मुझसे।
हर रोज रात का
खाना मैं ही बनाती हूं
फिर सबको खाना खिलाकर
तब खुद खाती हूं
फिर भी लोग कहते रहते हैं
मेहनत नहीं होता मुझसे।
Radha
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