Wednesday, January 2, 2019
नए साल की बात है
नए साल की बात है
नए मंसुबे गढ़ने हैं
कुछ नए दोस्त बनाने हैं
तो पुराने दोस्तों से मिलने हैं।
नए साल की बात है
सच्चाई की राह पर चलना है
कुछ सच्चों को अपनाना है
तो झुठों को दूर भगाना है।
नए साल की बात है
बिखरे रिश्तों को सम्भालना है
तो कुछ रिश्तों से दूरी बनाना है।
नए साल की बात है
एक नई ऊंचाइयों को छूना है
और अपने सपनों को सजाना है।।
Written by Radha Rani
Subscribe to:
Posts (Atom)
अब भी दिल रो देता है
अब भी दिल रो देता है जब भी उन गलियों से गुजरती हूं तेरे होने का एहसास होता है अचानक से कदम खुद रुक जाते हैं और मैं वहीं एक टक तुम्हें वही ढु...
-
हस मत पगली प्यार हो जाएगा.... रो मत पगली , मैं फिर आउँगा गुस्सा नहीं पगली, प्यार चाहिए.... ये सारे वाक्य आपको ट्रकों और बसो में देख...
-
एक पुरानी कहानी है कि एक बुढ़िया थी , वह बहुत गरीब थी , वो अपने बच्चे के पालन - पोशन के लिए दही बेचा करती थी ... एक दिन...
-
अब भी दिल रो देता है जब भी उन गलियों से गुजरती हूं तेरे होने का एहसास होता है अचानक से कदम खुद रुक जाते हैं और मैं वहीं एक टक तुम्हें वही ढु...


