तकदीर से लड़ जाएंगे
पर अपना आशियाना बनाएंगे
आज किस्मत में कुछ भी हो
मगर एक दिन किस्तम जगाएंगे
तुम मेरा साथ दो या ना दो
तकदीर से लड़ जाएंगे
फिर भी तुम्हें पाएंगे
सपना है, अपना आशियाना हो
तुम हो..मैं रहुं और साथ
हमारी परछाईं हो
तकदीर से लड़ जाएंगे
पर अपना आशियाना बनाएंगे
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