Sunday, March 8, 2015
Friday, February 27, 2015
मतलबी दुनिया
दुनिया रे दुनिया
मतलब की दुनिया
मतलबी दुनिया
मतलबी इन्सानों से भरी दुनिया
इस मतलबी दुनिया में
ना है कोई तेरा
ना है कोई मेरा
ना है कोई अपना
ना है कोई पराया
इस मतलबी दुनिया में
जीना है तो मतलबी बन
भुल जा इस मतलबी दुनिया को
भुल जा कोई है तेरा
भुल जा कोई है हर सांस मेरी
बंधी है तुझसे
हर आह मेरी
जुड़ी है तुझसे
तुझे कुछ होता है
दिल मेरा रोता है
सच कहती हूँ
बड़ा बेचैन होता है
जी करता है
भाग के आ जाऊँ
लेकिन क्या करूँ
जी करने से
भला कुछ होता है
तु माने या ना माने
हर वक्त दिल बेचैन होता हैमेरा
दुनिया रे दुनिया
मतलब की दुनिया
Written by me
मतलब की दुनिया
मतलबी दुनिया
मतलबी इन्सानों से भरी दुनिया
इस मतलबी दुनिया में
ना है कोई तेरा
ना है कोई मेरा
ना है कोई अपना
ना है कोई पराया
इस मतलबी दुनिया में
जीना है तो मतलबी बन
भुल जा इस मतलबी दुनिया को
भुल जा कोई है तेरा
भुल जा कोई है हर सांस मेरी
बंधी है तुझसे
हर आह मेरी
जुड़ी है तुझसे
तुझे कुछ होता है
दिल मेरा रोता है
सच कहती हूँ
बड़ा बेचैन होता है
जी करता है
भाग के आ जाऊँ
लेकिन क्या करूँ
जी करने से
भला कुछ होता है
तु माने या ना माने
हर वक्त दिल बेचैन होता हैमेरा
दुनिया रे दुनिया
मतलब की दुनिया
Written by me
Tuesday, February 24, 2015
चाहत थी उड़ने की
चाहत थी उड़ने की
बहुत ऊँचा उड़ने की
लेकिन न जाने अब लगता है
मेरे पंख कुतर दिए गए हों
याद है मुझे वो हर बात
जीन बातों पे मेरी हंसी रुकती न थी
पर अब तो चेहरे पर
मायुसी का पहरा है
कुछ सपने थे मेरी आंखों में
जो अब धुंधला-धुंधला सा
दिखाई परता है
मेरे भी थे कई अरमान
मगर उन पर आज किसी का पहरा है
चाहत थी उड़ने की
बहुत ऊँचा उड़ने की
लेकिन न जाने अब लगता है
मेरे पंख कुतर दिए गए हों
याद है मुझे वो हर बात
जीन बातों पे मेरी हंसी रुकती न थी
पर अब तो चेहरे पर
मायुसी का पहरा है
कुछ सपने थे मेरी आंखों में
जो अब धुंधला-धुंधला सा
दिखाई परता है
मेरे भी थे कई अरमान
मगर उन पर आज किसी का पहरा है
चाहत थी उड़ने की
Saturday, February 21, 2015
काले-गोरे का फर्क मिटता नहीं
काले-गोरे का फर्क मिटता नहीं
लोगों पर पड़ा ये धुंध छटता नहीं...
इंसान काला हो या गोरा
इसमें क्या रखा है
फर्क बस इतना है
आज भी लड़कियों को
काला कह के छांट दिया जाता है
काले-गोरे का फर्क मिटता नहीं
लोगों पर पड़ा ये धुंध छटता नहीं...
आज भी लड़कियाँ
एक डर के साए में जीती हैं
न जाने कब काले की परछाई में
उनका जीवन ना धुमिल हो जाए
काले-गोरे का फर्क मिटता नहीं
लोगों पर पड़ा ये धुंध छटता नहीं...
आज भी औरतें
ये सोच के सहम जाती हैं
कहीं उनके अंश को
काले-गोरे के तराजू में
तौल के न रख दिया जाए
काले-गोरे का फर्क मिटता नहीं
लोगों पर पड़ा ये धुंध छटता नहीं...
लोगों पर पड़ा ये धुंध छटता नहीं...
इंसान काला हो या गोरा
इसमें क्या रखा है
फर्क बस इतना है
आज भी लड़कियों को
काला कह के छांट दिया जाता है
काले-गोरे का फर्क मिटता नहीं
लोगों पर पड़ा ये धुंध छटता नहीं...
आज भी लड़कियाँ
एक डर के साए में जीती हैं
न जाने कब काले की परछाई में
उनका जीवन ना धुमिल हो जाए
काले-गोरे का फर्क मिटता नहीं
लोगों पर पड़ा ये धुंध छटता नहीं...
आज भी औरतें
ये सोच के सहम जाती हैं
कहीं उनके अंश को
काले-गोरे के तराजू में
तौल के न रख दिया जाए
काले-गोरे का फर्क मिटता नहीं
लोगों पर पड़ा ये धुंध छटता नहीं...
HAR PAL...
Har pal unka...
khyal kartey hain
Har pal unka ...
socha kartey hain
Unse milne ke din ...
Hum gina kartry hain
Par unko ye mera khyal
bachkana sa lagta hai
Unko hum har pal
pagal sa dikha kartey hain.
Lekin hum Kaise samjhaye. ..
Hum kitna pyar kartey hain.
khyal kartey hain
Har pal unka ...
socha kartey hain
Unse milne ke din ...
Hum gina kartry hain
Par unko ye mera khyal
bachkana sa lagta hai
Unko hum har pal
pagal sa dikha kartey hain.
Lekin hum Kaise samjhaye. ..
Hum kitna pyar kartey hain.
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