Saturday, February 21, 2015

काले-गोरे का फर्क मिटता नहीं

काले-गोरे का फर्क मिटता नहीं
लोगों पर पड़ा ये धुंध छटता नहीं...
इंसान काला हो या गोरा
इसमें क्या रखा है
फर्क बस इतना है
आज भी लड़कियों को
काला कह के छांट दिया जाता है
काले-गोरे का फर्क मिटता नहीं
लोगों पर पड़ा ये धुंध छटता नहीं...
आज भी लड़कियाँ
एक डर के साए में जीती हैं
न जाने कब काले की परछाई में
उनका जीवन ना धुमिल हो जाए
काले-गोरे का फर्क मिटता नहीं
लोगों पर पड़ा ये धुंध छटता नहीं...
आज भी औरतें
ये सोच के सहम जाती हैं
कहीं उनके अंश को
काले-गोरे के तराजू में
तौल के न रख दिया जाए
काले-गोरे का फर्क मिटता नहीं
लोगों पर पड़ा ये धुंध छटता नहीं...

जी रहे हैं हम

दर्द इतना है
कैसे बयां करूं
बस इतना समझ लो
कि जी रहे हैं हम

वक्त के हाथो ने

वक्त के हाथो ने
ऐसा पटका मुझे
सम्भलने का मौका ना निला
गिरी एसा मैं



HAR PAL...

Har pal unka...
khyal kartey hain
Har pal unka ...
socha kartey hain
Unse milne ke din ...
Hum gina kartry hain
Par unko ye mera khyal
bachkana sa lagta hai
Unko hum har pal
pagal sa dikha kartey hain.
Lekin hum Kaise samjhaye. ..
Hum kitna pyar kartey hain.

ऐसा कभी ना करना

तुम रूठ जाओ मुझसे
ऐसा कभी ना करना
मैं एक नजर को तरसु
ऐसा कभी ना करना
मैं पुछ पुछ हारुँ सौ सौ सवाल
तुम कुछ जवाब ना दो
ऐसा कभी ना करना
मुझसे मिल कर रोना
मुझसे मिल कर हसना
मुझसे बिछड़ कर जी लो
ऐसा कभी ना करना
तुम चले जाओ जब भी
देखुं तुम्हारा रास्ता
तुम लौट कर न आओ
ऐसा कभी ना करना

आंसू

आँखों से बहकर बेकार जाते हैं
ऐ दोस्त मेरे आंसू भी हार जाते हैं
आँखों की पुतली से
पलकों तक आते हैं
पलकों के किनारे से
गालों तक आते हैं
जब आँखें मिल जाती हैं
बेशुमार आते है

धूप-छांव सी जिन्दगी

धूप-छांव सी जिन्दगी
रंग बदलती जिन्दगी
कभी रुलाती
कभी हंसाती
कभी सताती जिन्दगी
हम इस जिन्दगी के मकर जाल में
पल-पल फसते जा रहें
कुछ तो है बात इसमें
जो हमें लुभाती जिन्दगी

अब भी दिल रो देता है

अब भी दिल रो देता है जब भी उन गलियों से गुजरती हूं तेरे होने का एहसास होता है अचानक से कदम खुद रुक जाते हैं और मैं वहीं एक टक तुम्हें वही ढु...