Saturday, February 21, 2015

ऐसा कभी ना करना

तुम रूठ जाओ मुझसे
ऐसा कभी ना करना
मैं एक नजर को तरसु
ऐसा कभी ना करना
मैं पुछ पुछ हारुँ सौ सौ सवाल
तुम कुछ जवाब ना दो
ऐसा कभी ना करना
मुझसे मिल कर रोना
मुझसे मिल कर हसना
मुझसे बिछड़ कर जी लो
ऐसा कभी ना करना
तुम चले जाओ जब भी
देखुं तुम्हारा रास्ता
तुम लौट कर न आओ
ऐसा कभी ना करना

आंसू

आँखों से बहकर बेकार जाते हैं
ऐ दोस्त मेरे आंसू भी हार जाते हैं
आँखों की पुतली से
पलकों तक आते हैं
पलकों के किनारे से
गालों तक आते हैं
जब आँखें मिल जाती हैं
बेशुमार आते है

धूप-छांव सी जिन्दगी

धूप-छांव सी जिन्दगी
रंग बदलती जिन्दगी
कभी रुलाती
कभी हंसाती
कभी सताती जिन्दगी
हम इस जिन्दगी के मकर जाल में
पल-पल फसते जा रहें
कुछ तो है बात इसमें
जो हमें लुभाती जिन्दगी

Tuesday, February 3, 2015

वो कहते हैं मैने गलती की..


वो कहते हैं मैंने गलती की..
हां, मैंने गलती की..
पर ये गलती, ऐसी सजा की
हकदार तो ना थी…
वो कहते हैं...
मैं गलती-पे-गलती करती हूँ
हां, मैं गलती-पे-गलती करती हूँ
इसकी वजह भी तो वही हैं
वो कहते हैं..
कब हलती करना छोड़ोगे
हां, मैं चाहती तो हूँ
की गलती ना करूँ..
पर मैं भी इंसान हूँ
हो जाती है गलती
अगर गलती ना करती
तो भगवान ना हो जाती
वो कहते हैं मैने गलती की..



Written by: Radha Rani

Sunday, January 25, 2015

वो मुझे समझते हैं

समझी की वो मुझे समझते हैं…
प्यार मुझसे बेइंतिहां करते हैं…
पहले तो वो हर बात पर 
रूला दिया करते थे…
मैं हर बार रो लिया करती थी…
बस यही सोच लिया करती थी…
कि अब सही होगा…तब सही होगा…
मगर, आज भी वही हाल नज़र आता है…
समझ की दिवार फिर खड़ी दिखती है…
फिर भी दिल कहता है...
वो मुझे समझते हैं……






Written by: Radha Rani

Sunday, November 2, 2014

मेरे अरमान

मेरे भी कुछ अरमान थे
मेरे भी कुछ सपने थे
मुभे भी चाहिए था प्यार
मां से, पापा से
भाई से, बहन से
अपने प्यार से प्यार
भरपुर वाला प्यार
सच्चा वाला प्यार
दिल से चाहने वाला प्यार
लेकिन, हमेशा किश्तों में ही मिला
हमेशा प्यार पाने की कोशिश की
पर मिल न सका
अब तो लगता है ये जिन्दगी उधार की है
उधार का प्यार है
अब ऐसा लगता है..
जो भी प्य़ार मुझे मिला
वो तरस से मिला
काश मैं अकेली रह जाती

या रहती ही ना………………




Written by: Radha Rani

Saturday, August 2, 2014

आज जरा मन उदास सा है

आज जरा मन उदास सा है
पता नहीं क्या आस सा है
दिल में तो हैं ढेरो आस
पर मालुम नहीं कौन आस
खास सा है....



Written by: Radha Rani

अब भी दिल रो देता है

अब भी दिल रो देता है जब भी उन गलियों से गुजरती हूं तेरे होने का एहसास होता है अचानक से कदम खुद रुक जाते हैं और मैं वहीं एक टक तुम्हें वही ढु...